लौट आए हैं हम -
अपनी आसियाने में
सकुन भरी साँस दिल में लिए
वह बच्चा जो मिल गया था
कुछ दिन पहले, किसी मोड पर
आखों में आँसू लिए-
रूक गये थे कदम हमारी
कुछ देर के लिए
आज वह कदम लौट आए हैं .
कुछ देर के लिए ही सही
आँख भर आए थे-
उस नादान की दु:खडों पर,
जब वह अपना हाथ-
हमारी हाथों से छुडा रहा था
मौन रह तो गए थे,
पर सकून थी मन में की
आज वह सकून से
जी तो सकेगा .
ग़म नहीं होगा, उसके दिल पर
क्यों की जीने का बहाना जो
ढूँढ लिया है उसने.
© लता तेजेश्वर
Sun Mar 02 20:10:36 PST 2014
....लता तेज....******
अपनी आसियाने में
सकुन भरी साँस दिल में लिए
वह बच्चा जो मिल गया था
कुछ दिन पहले, किसी मोड पर
आखों में आँसू लिए-
रूक गये थे कदम हमारी
कुछ देर के लिए
आज वह कदम लौट आए हैं .
कुछ देर के लिए ही सही
आँख भर आए थे-
उस नादान की दु:खडों पर,
जब वह अपना हाथ-
हमारी हाथों से छुडा रहा था
मौन रह तो गए थे,
पर सकून थी मन में की
आज वह सकून से
जी तो सकेगा .
ग़म नहीं होगा, उसके दिल पर
क्यों की जीने का बहाना जो
ढूँढ लिया है उसने.
© लता तेजेश्वर
Sun Mar 02 20:10:36 PST 2014
....लता तेज....******
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