शनिवार, 8 मार्च 2014

बड़े अच्छे लगते है -

बड़े अच्छे लगते  हो -
क्या बात है जानेमन -
मन ही मन मुस्कुराते हो?
मेरी नज़रों में खुद को पाकर
आँखे झुका लेती हो?

तुम्हारा यूँ सरमाना,
आँखे झुका कर मुस्कुराना-
प्यार से खुद में डूब जाना,
बड़े ही अच्छे लगती हो।

खिलती गुलाब सी ओठों पर
यूँ गुलाब को सराहना,
फिर हमें देखकर यूँ खिलजाना,
बड़े ही प्यारी लगती हो।

सामने जब होती हो, हम
खुद को भूल जाते हैं। 
नज़र में तुम्हारी हम
खुद को खो देते हैं।

बिन तुम्हारी, है जिंदगी अधूरी,
रहना सदा साथ हमारी।  
जी न पाएंगे तुम्हारे बिना,
सात जन्मों का है साथ निभाना।


©लता तेजेश्वर
02/02/2014

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